Meaning Of Gayatri Mantra In Hindi | Gayatri Mantra Om Bhur Bhuva Swaha – गायत्री मंत्र का अर्थ


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गायत्री मंत्र को सभी मंत्रो से महान बताया गया है शास्त्रों में भी गायत्री मंत्र की महिमा का पवित्र वर्णन मिलता हैगायत्री मंत्र तीन देवताओं, ब्रह्मा, विष्णु और महेश का सार है। ज्योतिष में गायत्री मंत्र को सही समय पर और नियमित रूप से करने के कई लाभ बताये गए हैं।


आज के इस लेख में हम om bhur bhuva swaha in hindi, Gayatri Mantra Hindi Mein, Gayatri Mantra Ka Matlab, om bhur bhuva swaha lyrics, Gayatri Mantra Meaning In Hindi, Gayatri Mantra Ka Arth जैसे अध्यात्मिक सवालो के जबाब जानेगे, आइये शुरू करते है।


Table of Contents

Meaning Of Gayatri Mantra In Hindi | Gayatri Mantra Om Bhur Bhuva Swaha – गायत्री मंत्र का अर्थ


हम गायत्री मंत्र जानते हैं यह पूरी तरह संस्कृत में है, तो हम में से कई हिंदी में इसका अर्थ जानना चाहते है यही कारण है कि आज इस लेख में हम हिंदी में गायत्री मंत्र का अर्थ और साथ ही इस मंत्र की महिमा के बारे में जानेंगे।

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Gayatri Mantra Kya Hai (What Is Gayatri Mantra In Hindi)


गायत्री मंत्र को सबसे प्रभावी मंत्रों में से एक है। इसीलिए सभी ऋषि-मुनियों ने गायत्री मंत्र को मुक्त कंठ से गाया है।

ज्योतिष के अनुसारगायत्री मांगायत्री मंत्र का जाप करने से प्रसन्न होती हैं। उनके आशीर्वाद सेव्यक्ति आशावादी बन जाता है साथ ही उसके अन्दर सकारात्मक उर्जा का संचार होता है।


गायत्री मंत्र की उत्पत्ति (Gayatri Mantra In Hindi)



ऐसा माना जाता है कि गायत्री मंत्र की सर्वप्रथम व्याख्या वेदों में ब्रम्हा जी ने स्वयं अपने चारों मुख से की थी। साथ ही ऐसी भी  मान्यता है कि यह मंत्र पहले सिर्फ देवी देवताओं के लिए था फिर महर्षि विश्वामित्र ने कठोर तपस्या के द्वारा इससे आम लोगों के बीच पहुंचाया इस प्रकार गायत्री मंत्र का रचयिता विश्वामित्र जी को माना जाता है।


गायत्री को वेदों का सार माना जाता है, इसीलिए हमारे हिन्दू धर्म में गायत्री को वेद माता कहा जाता है विश्व प्रसिद्ध गायत्री महामन्त्र,शान्ति प्रदाता और कल्याणकारी है। इस मन्त्र में 24 अक्षर होते हैं। वाल्मीकि जी द्वारा सृजित रामायण में 24,000 श्लोक हैं, रामायण के प्रत्येक 1000 श्लोक के बाद आने वाले प्रथम अक्षरों को क्रमशः जोड़ देने से गायत्री मंत्र बनता है। इस प्रकार गायत्री मन्त्र में पूरा रामायण महाकाव्य निहित है।

 

गायत्री मंत्र का सर्वप्रथम वर्णन


गायत्री मंत्र का सर्वप्रथम वर्णन ऋग्वेद में मिलता है। इसमें ॐ नहीं जुडा है।



तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

1. तत्:

2. स:

3. वि:

4. तु:

5. व:

6. रे:

7. णि:

8. यं:

9. भ :

10. र्गो :

11. दे :

12. व :

13. स्य :

14. धी :

15. म :

16. हि :

17. धि :

18.यो :

19. यो :

20. न:

21. प्र :

22. चो :

23. द :

24. यात्




गायत्री मंत्र के ये 24 अक्षर चौबीस शक्तियों - सिद्धियों के प्रतीक हैं।


हिंदू धर्म में गायत्री मंत्र का बहुत महत्व है। यह पूरी तरह से एक चमत्कारी मंत्र है जो हर तरह की समस्या का निदान करता है गायत्री मंत्र हमारे हिंदू धर्म के सबसे अलग और शक्तिशाली मंत्रों में से एक है।


प्रचलित गायत्री मन्त्र (Gayatri Mantra In Hindi)


ऋग्वेद में वर्णित गायत्री मंत्र में को जोड़कर प्रचलित गायत्री मंत्र का निर्माण किया जाता है।

"ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्"

"Om Bhur Bhuva Swaha Tat Savitur Varenyam Bhargo Devasya Dhimahi Dhiyo Yo Nah Prachodayat"

 

Meaning Of Each Word of Divine Gayatri
Mantra In Hindi



ॐ - परब्रह्मा का अभिवाच्य शब्द

 

भू  - भूलोक


भुव: - अंतरिक्ष लोक

 

स्वः - स्वर्गलोक

 

त - दिव्य / परम शक्ति


सवितु - ईश्वर अथवा सृष्टि कर्ता

 

वरेण्यम - पूजनीय


भर्ग - अज्ञान तथा पाप निवारक


देवस्य - ज्ञान स्वरुप भगवान का


धीमहि - हम ध्यान करते है

 

धियो - बुद्धि

 

यो - जो

 

नः - हमे


प्रचोदयात् - प्रकाशित करें


गायत्री मंत्र का भावार्थ (Meaning Of Gayatri Mantra In Hindi) / Gayatri Mantra Ka Arth


गायत्री मंत्र का अर्थ यह है कि " इस पृथ्वी, अंतरिक्ष, व स्वर्ग के मूल में व्याप्त चैतन्य परम शक्ति याद रखने योग्य है और यह तत्व देव स्वरूप है जो पापों तथा अज्ञान को दूर करने वाला है और चराचर जगत में व्याप्त है। हम ये प्रार्थना करते हैं कि हमारी बुद्धि को ऐसी शक्ति दीजिये कि हमारी बुद्धि प्रचंड होकर तेजस्वी हो और सत्य पथ पर चलने के लायक हो सके


गायत्री मंत्र का एक और सरल अर्थ है जोकि इस प्रकार है


उस प्राणस्वरूप, सुखस्वरूपदुःखनाशक, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अन्तःकरण में धारण करें. वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे।

 

गायत्री मंत्र को जपने का समय (Gayatri Mantra In Hindi)


ऐसा विश्वास है की देवी गायत्री शास्त्रों की मां है और गायत्री मंत्र में मानव के सारे पापों को को नष्ट करने की शक्ति है।अगर अगर गायत्री मंत्र का तीन बार पाठ किया जाए, तो इसे अधिक प्रभावी माना जाता है।

 

पहला समय है प्रात:काल, मंत्र जप सूर्योदय से पहले शुरू किया जाना चाहिए और जाप सूर्योदय के बाद तक किया जाना चाहिए।

दूसरा समय है दोपहर का। इस मंत्र का पाठ दोपहर में भी हो सकता है।

 

तीसरा समय है शाम में, मंत्र जाप को सूर्यास्त से पहले शुरू किया जाना चाहिए और यह सूर्यास्त के बाद कुछ समय तक किया जाना चाहिए।




गायत्री मंत्र का जाप कैसे करे (Gayatri Mantra In Hindi)


दोस्तो गायत्री मंत्र सभी कामनाओ को पूरा करने वाला है इसीलिए इस मंत्र का जाप करते समय इन बातों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए।


1. इस मंत्र का जप किसी भी समय, शरीर और मन से शुद्ध होकर किया जा सकता है। सुबह जाप करना सबसे अच्छा होता है। इसीलिए प्रातःकाल में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ कपड़े पहनकर निर्मल मन के साथ इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

 

2. जाप करते समय स्थान का विशेष ध्यान दे। ऐसे स्थान को चुने जोकि शांत और पवित्र हो साथ ही यह भी निश्चित करे कि गायत्री मंत्र का जाप प्रतिदिन नियमित समय पर हो।

 

3. मंत्र का जाप पालथी मारकर या पद्माशन में बैठकर करना चाहिए। कभी भी उच्च स्वर में गायत्री मंत्र का जप नहीं करना चाहिए।

 

4. मंत्र जाप के दौरान आपको जप की गिनती जरूर करनी चाहिए। क्योंकि बिना गिनती के किया गया जाप आसुर जापकहलाता है। रूद्राक्ष की एक जापमाला के साथ गायत्री मंत्र का जाप करने से जल्द ही फल प्राप्त होते हैं।

 

5. जाप के दौरान आपको उठना नहीं चाहिए और यदि किसी कारणवश आपको उठना पड़ता है तो फिर हाथ और मुंह धुलकर वापस जाप के लिए बैठ सकते है।

 

6. अगर आप गायत्री मंत्र के प्रभाव से जीवन मे खुशहाली लाना चाहते है तो मांस - मदिरा के सेवन से बचे।

 

7. सबसे जरूरी बात यह है कि मंत्र का जाप करने के बाद त्रुटियों के लिए क्षमा - प्रार्थना जरूर करें।


Om Bhur Bhuva Swaha Meaning In Hindi

 

गायत्री मंत्र प्रेरणा का एक अमूल्य स्रोत है। हजारों वर्षों से इस शक्तिशाली मंत्र का उपयोग वैदिक ऋषियों द्वारा अपने आंतरिक सत्य से जुड़ने के लिए किया जाता रहा है। अगर आप भी जाग्रत होना चाहते हैं और परमात्मा से जुड़ना चाहते हैं तो यह मंत्र आपके लिए है। गायत्री मंत्र को 'वेदों की जननी' कहा जाता है और ज्ञान की देवी का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में इसे सबसे शक्तिशाली मंत्र माना जाता है क्योंकि इसमें आत्मा को शुद्ध करने और व्यक्ति को अधिक ज्ञानी और साहसी बनाने की शक्ति होती है।



Benefits Of Gayatri Mantra In Hindi (गायत्री मंत्र के लाभ)


कहा जाता है कि इस मंत्र का जाप करने से भगवान की प्राप्ति होती है। नियमित रूप से सात बार गायत्री मंत्र का पाठ करने से व्यक्ति के आसपास नकारात्मक शक्तियां नहीं आती हैं, इससे शरीर के कई रोगों से छुटकारा मिलता है और साथ ही क्रोध शांत होता है। 


यह जाप के शब्दों का उच्चारण करते समय उत्पन्न होने वाली ध्वनि तरंगें शरीर को स्वस्थ बनाती हैं। शरीर की सभी ग्रंथियां ठीक से काम करना शुरू कर देती हैं। मस्तिष्क ठीक से काम करता है तो जीवन में आप जो भी निर्णय लेते हैं वह सही होता है। जीवन ज्ञानमय हो जाता है, ये तरंगें बुद्धि को मजबूत बनाती हैं और आपको तेजस्वी बनाती हैं।


  • दरिद्रता का नाश करें।
  • रोग निवारण।
  • विवाह कराए गायत्री मंत्र।
  • पढ़ाई में मन लगाए।
  • चेहरे की चमक, खूबसूरती बढ़ाये
  • शत्रुओं पर विजय।
  • मन शांत होता है।
  • व्यापर में वृद्धी होती है।
  • पैसा आने लगता है।
  • घर में शांति छा जाती है।
  • घर के झगडे बंद हो जाते है।
  • बीमारिया दूर हो जाती है।
  • जो चाहे वो मिलता है।
  • संतान का वरदान।
  • भगवान के दर्शन हो जाते है।
  • बौद्धिक क्षमता और स्मरणशक्ति बढ़ती है।

 

व्यक्ति के सभी कष्टों को समाप्त करने और व्यक्ति की इच्छाओं को पूरा करने के लिए गायत्री मंत्र का जप प्रभावी माना जाता है। इस मंत्र की ध्वनि से मन को असीम शांति की अनुभूति होती हैऔर मन के अनावश्यक विचारों को भी दूर करने में मदद मिलती है।


यह हमारे जीवन की रक्षा करता हैजब आप रोजाना गायत्री मंत्र का जाप करना शुरू करते हैंतब आप जाने अनजाने में इस मंत्र को सिद्ध कर लेते हैं। यह मंत्र व्यक्ति के चारों ओर एक रक्षा कवच बनाता है।


गायत्री मंत्र का वैज्ञानिक महत्व (Scientific Significance Of Gayatri Mantra)

 

दोस्तो जैसा कि हम सभी जानते है कि गायत्री मंत्र की शुरुआत शब्द से होती है और ॐ शब्द का उच्चारण आपके होठ, जीभ, तालू, गले के पिछले हिस्से और खोपड़ी में कम्पन यानि कि Vibration पैदा करता है। और Vibration की वजह से हाइपोथेलेमस ग्रंथि से हार्मोंस का स्त्राव होता है।

 

इन हार्मोंस के स्त्राव की वजह से इन्सान के अंदर शारीरिक विकारों से लड़ने की क्षमता बनी रहती है और दिमाग शांत रहता है। इसीलिए लोगो का मानना है कि Gayatri Mantra के उच्चारण से जल्दी गुस्सा आना, आपा खो देना, पढ़ाई में मन ना लगना जैसी समस्याएं भी दूर हो जाती है।

 

इसके अलावा दूसरे Scientific Fact यह है कि मंत्र के उच्चारण के दौरान आपको लम्बी सांसे लेनी पड़ती है जिसकी वजह से अनुलोम विलोम की प्रक्रिया होती है।और आपका फेफड़ा मजबूत बनता है जिसकी वजह से शरीर मे रक्त संचार भी अच्छा बना रहता है।


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Gayatri Mantra FAQs


गायत्री मंत्र के रचयिता कौन है?


महर्षि विश्वामित्र को गायत्री मंत्र का रचयिता माना जाता है।


गायत्री मंत्र किस भाषा में है?


गायत्री मंत्र संस्कृत भाषा में है।


गायत्री मंत्र का अन्य नाम क्या है?


इस मंत्र में सवितृ देव की भी उपासना है इसलिए इस मंत्र को सावित्री भी कहते हैं।


गायत्री मंत्र किस वेद से लिया गया है?


गायत्री मंत्र को ऋग्वेद से लिया गया है।


गायत्री मंत्र में कितने शब्द होते हैं?


गायत्री मंत्र में 24 शब्द होते हैं।


गायत्री माता का कौन सा दिन माना जाता है?


शुक्रवार को गायत्री माता का दिन माना जाता है।


गायत्री मंत्र का जाप एक विद्यार्थी को कितने बार करना चाहिए?


एक विद्यार्थी रोजाना इस मंत्र का एक सौ आठ बार जाप करना चाहिए इससे एक विद्यार्थी को सभी प्रकार की विद्या प्राप्त करने में आसानी होती है।


गायत्री मंत्र कितने दिन में सिद्ध होता है?


रविवार के दिन गायत्री मंत्र के जप के बाद उगते सूर्य देव को अर्घ्य देने से सभी कार्य सिद्ध होते है और कुछ ही दिनों में माँ गायत्री की आपके ऊपर कृपा हो जायेगी


गायत्री मंत्र का सर्वप्रथम उल्लेख कहाँ मिलता है?


गायत्री मंत्र का सर्वप्रथम उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है


मंत्र सिद्ध होने की क्या पहचान है?



यदि आलस्य या समय की कमी आदि के कारण आपका मंत्र जाप छूट जाता है, और आपके मन में दिन भर पूजा न कर पाने का पश्चाताप रहे। जब ऐसी मनःस्थिति आपकी होने लगे तो समझ लें कि आपका मंत्र जाप योग सिद्ध होने लगा है।


गायत्री मंत्र के उच्चारण में कौन कौन से लाभ प्राप्त होते हैं?


गायत्री मंत्र के उच्चारण से दुख और दरिद्रता का नाश होता है, संतान की प्राप्ति होती है और ऐसी भी मान्यता है कि गायत्री मंत्र के जाप से मन शांत और एकाग्र रहता है और व्यक्ति के मुखमंडल पर चमक आती है। व्यक्ति अपनी जिंदगी से जुड़ी हर समस्या को हल कर सकता है। गायत्री मंत्र का जाप करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

 

गायत्री जयंती की पूजा विधि क्या है?


गायत्री जयंती की पूजा विधि निम्न है।


  • गायत्री जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
  • स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।
  • मां गायत्री का ध्यान करें।
  • मां को पुष्प अर्पित करें।
  • मां को भोग लगाएं।
  • गायत्री मंत्र का 108 बार जप करें।

 

क्या महिलाओं को गायत्री मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए?


ऐसा कहीं पर भी नहीं लिखा है कि महिलाएं गायत्री मंत्र का  जाप नहीं कर सकतीं है। जैसा कि हमने ऊपर जाना है कि गायत्री मंत्र हर मनोकामना को पूरा करने वाला और तेज प्रदान करने वाला होता है और पहले हमारा समाज पुरुष प्रधान होता था तो पुरुष यह नहीं चाहते थे कि महिलाओं को शक्ति मिले, तेज मिले। तो ऐसे में उन्होंने महिलाओं को गायत्री मंत्र का जब अपनी स्वार्थ सिद्धि के कारण नहीं करने दिया

 

गायत्री मन्त्र का 108 बार जाप क्यों करते हैं?


जैसा कि हम जानते हैं कि ब्रह्मांड में नवग्रह और 12 नक्षत्र हैं। और जब यह नवग्रह 12 नक्षत्रों के चारों ओर घूमते हैं तो 108 प्रकार के प्रभाव पैदा होते हैं जिनमें से कुछ प्रभाव नकारात्मक भी होते हैं और इन नकारात्मक प्रभावों को सकारात्मक में बदलने के लिए 108 बार गायत्री मंत्र का जप किया जाता है। गायत्री मंत्र के प्रबल तेज और प्रभाव के कारण बुरी शक्ति भी अच्छी शक्ति में परिवर्तित हो जाती है।


Om Bhur Bhuva Swaha Video Guide👇👇



credit/source:- Shemaroo Bhakti


आपने क्या सीखा 

 

जीवन में सफल होने के लिए, हमें सकारात्मक ऊर्जा की आवश्यकता होती है और यह सकारात्मक ऊर्जा आपकी खुशी, समृद्धि, धन, मूल्य, प्रसिद्धि को बढ़ाती है, ठीक उसी तरह जब आपके फोन की बैटरी कम होती है, तो आप इसे चार्जर से जोड़ते हैं और इसे पावर सॉकेट से कनेक्ट करते हैं, उसी तरह आप अपने मन को गायत्री मंत्र के चार्जर से जोड़कर और ईश्वर से कनेक्ट करके इसे सांसारिक चीजों से दूर छोड़ देंते है तो आपका मन फिर से सकारात्मक ऊर्जा  से भर जाता है और यह  सकारात्मक ऊर्जा आपको दुनिया की पीड़ाओं से निपटने के मददगार साबित होती है।

 

मुझे उम्मीद है कि आपको Meaning Of Gayatri Mantra In Hindi, Gayatri Mantra Om Bhur Bhuva Swaha – गायत्री मंत्र का अर्थ का यह लेख पसंद आया होगा। गायत्री मंत्र के बारे में पूरी जानकारी पाठकों को प्रदान करना मेरा हमेशा से ही प्रयास रहा है, ताकि उन्हें किसी अन्य साइट या इंटरनेट पर उस लेख के संदर्भ में खोज न करनी पड़े। इससे उनका समय बचेगा और उन्हें एक जगह पर सारी जानकारी भी मिल जाएगी।


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GAURAV SAHU
Gaurav Sahu is a boy from Banda(U.P.) who has dreams in eyes. He gives motivation about Study, Life, Success, Attitude, Business, Hard work , Failure and many more.

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